Thursday, January 17, 2013

आशियाना काण्ड के दिन भी बहुरे

आखिर आठ साल बाद आशियाना काण्ड के  दिन भी बहुरे। थैंक्स तो निर्भया, कुछ लोग मर कर भी दूसरों के काम आते है, वरना सपा की सरकार बनने के बाद, सांझी दुनिया सहित सभी महिलाएं  
निराश  हो चले थे। दिल्ली की आंच की कुछ गर्मी लखनऊ तक तो पहुंची। हम उँगलियाँ क्रास करते है कि बस इसबार उस पीडित बेटी को जल्दी इन्साफ मिल जाएँ, अब तो तथाकथित नाबालिग भी बालिग मान लिया गया है।हमारी लड़ाई कामयाब होने को है, जिसका सेहरा डॉ रूप रेखा वर्मा के सर है। उनकी हिम्मत से ही ये मुकदमा यहाँ तक पहुँच पाया, वर्ना सरकार के खास लोगो से सड़को  से लेकर अदालत तक लड़ना आसान नहीं था। हमसब की मेहनत कामयाब हो इंशाअल्लाह!

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